MERCURY

बुध ग्रह (Mercury) हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा और सूरज के सबसे करीब का ग्रह है। वायुमंडल ना होने की वजह से यहाँ दिन बहुत ज़्यादा गर्म और रातें बहुत ठंडी होती हैं।

दिन (Day)59 पृथ्वी दिन
रेडियस (Radius)2,439 किमी
चाँद (Moons)0 (शून्य)
ग्रह का प्रकाररॉकी (Rocky) ग्रह
बुध ग्रह (Mercury Planet) Visual 1बुध ग्रह (Mercury Planet) Visual 2बुध ग्रह (Mercury Planet) Visual 3
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ग्रह की जानकारी

बुध ग्रह देखने में बिल्कुल हमारे चाँद जैसा लगता है। यह पूरी तरह से भारी चट्टानों और ठोस पत्थरों से बना है। इसकी पूरी सतह पर आपको बड़े-बड़े गड्ढे (craters) दिखाई देंगे।

इसका सीधा सा मतलब है कि यहाँ करोड़ों सालों से कोई भी बड़ी भौगोलिक हलचल (तबाही, भूकंप, या ज्वालामुखी) नहीं हुई है जो इन निशानों को मिटा सके। तेज़ी से सूरज का चक्कर लगाने की वजह से ही इसका नाम रोमन सभ्यता के सबसे तेज़ देवता 'Mercury' के नाम पर रखा गया है।

Space Art
Cinematic High Contrast
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तापमान का खेल

सुनने में यह बहुत अजीब लगता है पर बुध की सुबह आग उगलती है और रातें बर्फ जमा देती हैं।

सूरज के ठीक सामने वाले हिस्से का तापमान 430°C तक पहुँच जाता है—इतना ज़्यादा गर्म कि वहाँ रखा सीसा (lead) भी पिघलकर बह जाए! लेकिन चूँकि बुध पर उस गर्मी को रोक कर रखने वाला कोई वायुमंडल (atmosphere) नहीं है, तो रात के समय यही तापमान अचानक से गिरकर -180°C तक चला जाता है।

Mercury Surface

सतह के राज़

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अनगिनत क्षुद्रग्रहों (asteroids) और उल्कापिंडों की लगातार टक्कर ने बुध की ज़मीन पर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं।

यहाँ का सबसे विशाल गढ्ढा 'कैलोरिस बेसिन' (Caloris Basin) है जो लगभग 1,550 किलोमीटर चौड़ा है। चोटें इतनी गहरी हैं कि आपको यहाँ 3 किलोमीटर तक ऊँची टूटी-फूटी चट्टानें (cliffs) देखने को मिलेंगी, जिन्हें विज्ञान की भाषा में 'Lobate scarps' कहा जाता है।

Mercury Core Structure
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लोहे का विशाल कोर

देखने में बुध भले ही नन्हा ग्रह लगता हो, लेकिन अंदर से यह भारी और ठोस है। हैरानी की बात यह है कि इसका 85% हिस्सा सिर्फ एक विशालकाय लोहे के गोले (Iron Core) से बना है।

कुछ अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का यह मानना है कि अरबों साल पहले शायद किसी अन्य बड़े ग्रह की टक्कर से इसकी ऊपर की परत (crust) पूरी तरह से उड़ गई होगी, और जो बच गया, वह है महज़ यह भारी लोहे का कोर। ये ब्रह्मांड के महान रहस्यों में से एक है।

Futuristic Spacecraft
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अंतरिक्ष मिशन

सूरज के बेहद भारी गुरुत्वाकर्षण (gravity force) और भयानक गर्मी को चीरते हुए बुध तक पहुँचना किसी स्पेसक्राफ्ट (Spacecraft) के लिए लोहे के चने चबाना जैसा है।

फिर भी, NASA का MESSENGER मिशन आज तक का सबसे कामयाब प्रयास साबित हुआ जिसने पूरे ग्रह का बारीकी से नक़्शा तैयार किया। अब BepiColombo नाम का एक नया सुपर एडवांस मिशन इस अनसुलझे ग्रह के बाकी राज़ों से पर्दा उठाने के लिए रवाना हो चुका है।

Mercury Orbit Lines

समय की अजीब चाल

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बुध पर समय बिल्कुल किसी साइंस-फिक्शन फ़िल्म की तरह काम करता है। यहाँ एक साल (सूरज का एक चक्कर) सिर्फ 88 पृथ्वी-दिनों में पलक झपकते ही पूरा हो जाता है।

लेकिन हैरान कर देने वाली बात ये है कि अपनी धुरी पर काफी धीमे घूमने के कारण, यहाँ सूरज के उगने से लेकर अगले दिन सूरज उगने तक (एक पूरा दिन), पूरे 176 पृथ्वी-दिन लग जाते हैं! मतलब बुध पर एक दिन इसके एक साल से भी ज़्यादा लम्बा होता है।

Mercury Magnetic Field
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चुम्बकीय कवच

अक्सर छोटे और धीमी गति से घूमने वाले ग्रहों में कोई भी 'मैग्नेटिक फील्ड' (चुम्बकीय शक्ति) नहीं पाई जाती। वैज्ञानिकों ने तो ये मान ही लिया था कि बुध पूरी तरह से शांत और मृत ग्रह है।

परन्तु जब जांच की गई तो पता चला कि इसके पास ख़ुद का एक सक्रीय चुम्बकीय क्षेत्र है! हालाँकि ये पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड से लगभग 100 गुना कमज़ोर है, फिर भी यह तेज़ और विनाशकारी सौर-हवाओं (solar winds) से बुध को काफी हद तक बचाता है।

Ice on Mercury Poles
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आग के पास बर्फ

ये एक ऐसा सच है जो पहली बार सुनने पर मज़ाक लगता है! सवाल ये है कि जिस ग्रह से आग बरसती हो, वहाँ बर्फ कैसे हो सकती है?

जवाब है—अंधेरे गड्ढे। बुध के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों (Poles) पर कुछ ऐसे गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जहाँ सूरज की एक भी किरण कभी पहुंच ही नहीं पाती। वहाँ हमेशा पिच-ब्लैक अंधेरा होता है। उस अंधेरे में तापमान इतना बर्फीला रहता है कि वहाँ आज भी पानी की बर्फ के विशाल भण्डार बिलकुल सुरक्षित रूप में मौजूद हैं।

Mercury Sky without atmosphere

बुध का आसमान: एक अलग ही नज़ारा

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कल्पना कीजिए कि आप स्पेस-सूट पहन कर बुध ग्रह की ज़बान पर खड़े होकर ऊपर सूरज की तरफ देख रहे हैं।

वहाँ से आपको सूरज हमारी पृथ्वी के मुकाबले 3 गुना से भी ज़्यादा बड़ा और 11 गुना ज़्यादा चमकदार दिखाई देगा! और सबसे बड़ी बात, चूँकि वहाँ रोशनी को फैलाने वाली कोई हवा या वायुमंडल (atmosphere) नहीं है, तो वहाँ का आसमान पृथ्वी जैसा नीला नहीं, बल्कि चिलचिलाती धूप और भयानक गर्मी के दिन में भी बिल्कुल काला (Pitch Black) दिखाई देगा।

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